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Arabpati Karobariyon Ke Motivational Vichar by Swati Gautam
सफल और अनुभवी लोगों के सद्विचार, प्रेरक वाणी और अनुकरणीय जीवनशैली भी आपके व्यक्तित्व को आकार देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस पुस्तक में संकलित एलोन रीव मस्क, जैक मा, नारायण मूर्ति, बिल गेट्स, मार्क जुकरबर्ग, रतन टाटा, रॉबर्ट कियोसाकी, वॉरेन बफे, वॉल्ट डिज्नी, सुंदर पिचाई जैसे अत्यंत कामयाब कारोबारियों के उत्साह और ऊर्जा से भरपूर मोटिवेशनल विचार आपके चिंतन को धार देंगे और सफलता के नए फलक छूने में मदद भी करेंगे—
आप एकाग्रचित्त होकर ही महान् कार्य कर सकते हैं, चाहे आप कितने ही योग्य क्यों न हों; सपने वही सच होते हैं, जिन पर विश्वास किया जाता है; समस्या के समाधान के लिए हमें खुद से क्यों पूछना चाहिए; असफलता हमारी स्वीकार्यता पर निर्भर करती है; अपनी संस्कृति को ध्यान में रखें; छोटे से शुरुआत करिए; करो और दुनिया बदल दो; सर्वश्रेष्ठ बनने के लिए हमें सर्वश्रेष्ठ के साथ खड़ा होना होगा; विश्वास किसी भी बिजनेस की पहली सीढ़ी है; हमें हमेशा सीखते और सुनते रहना चाहिए; जोखिम उठाने का साहस कीजिए; सिक्के के दोनों पहलुओं को देखें; अपने दिमाग से काम लीजिए; अपने शब्दों पर ध्यान दीजिए; रिस्क लेना सीखें; बडे़ लक्ष्य निर्धारित करें; पहली सफलता पर ही मत रुको; जोखिम के बिना सफलता नहीं मिलती।
Arabpatiyon Jaisa Kaise Sochen? by Pradeep Thakur
क्या आपने स्वयं से कभी कहा है—हाँ, मैं अमीर बन सकता हूँ! हो सकता है कि कहा हो या फिर नहीं भी। यही अमीर बनने की पहली व सबसे बड़ी शर्त है। यदि इस पर गंभीरता से विचार-विमर्श नहीं किया और यों ही अपने मन को समझा लिया कि ‘मैं अमीर बन सकता हूँ।’ तो असल बात बन न सकेगी। इससे पहले अमीर बनने की यात्रा शुरू हो पाना संभव नहीं है, क्योंकि यही जीवन बदलने वाली महान् यात्रा का प्रस्थान बिंदु है।
सबसे पहले आप यह मानें कि आपने सचमुच में इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार नहीं किया है और फिर पूरी सहजता से पूछें, ‘क्या मैं अमीर बन सकता हूँ?’ हाँ, यह चिंतन-प्रक्रिया थोड़ी जटिल है, इसलिए न तो मन में उठ रहे भावों की तह में जाने से घबराएँ और न ही जल्दबाजी करें। खुद को सहज व संयत रखें और बस अपने विचारों को साक्षी भाव से देखें। ‘साक्षी भाव’ वह मनोदशा है, जब हम खुद के विचारों को बिना किसी पूर्वग्रह के खुद से अलग रखते हुए ‘गवाह’ (साक्षी) की तरह देखते हैं। यह वही स्थिति है, जब आप किसी घटना को उसमें शामिल हुए बिना ही देखते हैं। जब आप ऐसा करेंगे तो सब साफ होना शुरू हो जाएगा कि आपने अब तक ‘खुद’, ‘सफलता’ में कौन-कौन सी बाधाएँ खड़ी की हुई थीं। यह भी संभव है कि आपको लगे कि आपने इस मुद्दे पर इतनी गंभीरता से पहले कभी सोचा भी नहीं था। यदि ऐसा नहीं होता तो आप अमीरी-यात्रा पर कब के निकल चुके होते। खैर, इस प्रक्रिया को अब शुरू होना था तो अब सही।
Aranya Aadim by Tarun Kanti Mishra
इस संकलन में प्रसिद्ध ओडि़या साहित्यकार तरुणकांति मिश्र की कुल उन्नीस कहानियाँ शामिल हैं। चार से भी अधिक दशक के दौरान अलग-अलग कालखंडों में अलग-अलग मनःस्थितियों में लिखी गई ये उनकी चुनिंदा कहानियाँ हैं। इसमें लेखक के किशोरवय से जीवन के अब तक के पड़ाव की रचनाएँ संकलित हैं, जिनमें कोमल उम्र के नम्र अनुभव, यौवन के कई रंग और जीवन के अपराह्न का विमर्श निहित है। आशा और निराशा, स्वप्न और स्वप्नभंग, प्रेम और प्रेमहीनता, मृत्यु और निर्वाण, इन सबके भीतर चमक रहा है जीवन का विस्तृत रूप। तरुणकांति को असामान्य कहानी का स्रष्टा कहा जाता है। इस संकलन में संकलित हरेक कहानी इसका प्रमाण है। बहुत व्यापक है उनके गल्प की परिधि। कहानियों का जो पक्ष पाठकों को ज्यादा स्पर्श करता है, वह है चरित्रों की अंतर्मुखी अभिव्यक्ति। उनका कथ्य-वर्णन, रूप कल्प, परिवेश, यहाँ तक कि आकाश-पृथ्वी का दर्पण एक ही तत्त्व का संधान करते हैं, और वह है अंतराभिमुखी। जीवन का तिलिस्म, वास्तविकता, रहस्यमयता और जिजीविषा का निष्ठुर-निर्मम सत्य इन कहानियों में प्रस्फुटित है। पर इन सबसे ऊपर है, उनकी इनसान को प्रेम करने की भाषा। अपनी इसी सूक्ष्म दृष्टि और संवेदना के चलते समकालीन लेखकों के बीच वह अलग से नजर आ जाते हैं।
Arastu by Sukesh Kumar
अरस्तु एक प्रसिद्ध यूनानी दार्शनिक तथा प्लेटो के शिष्य और सिकंदर के गुरु थे। उनका जन्म 384 ई.पू. एथेंस के ‘स्टेगीरस’ नामक गाँव में हुआ था। बचपन से ही अरस्तु को जीवन शास्त्र का कुछ ज्ञान विरासत में मिला। अरस्तु प्लेटो के राजनैतिक दर्शन को वैज्ञानिक रूप देनेवाले पहले शिष्य थे। हर्मियस की दूसरी बेटी पीथीयस से उनका विवाह हुआ।
अरस्तु ने अपोलो के मंदिर के पास एक विद्यापीठ की स्थापना की, जो कि ‘पर्यटक विद्यापीठ’ के नाम से प्रसिद्ध हुआ। अरस्तु का बाकी जीवन यहीं पर बीता। अपने महान् शिष्य सिकंदर की मृत्यु के बाद अरस्तु ने भी विष पीकर आत्महत्या कर ली।
अरस्तु को दर्शन, राजनीति, काव्य, आचारशास्त्र, शरीर रचना, दवाइयों, ज्योतिष आदि का अच्छा ज्ञान था। उनके लिखे हुए ग्रंथों की संख्या 400 तक बताई जाती है। अरस्तु राज्य को सर्वाधिक अनिवार्य संस्था मानते थे। उनकी राज्य-संस्था कृत्रिम नहीं, बल्कि प्राकृतिक थी। इसे वह मनुष्य के शरीर का अंग मानते थे और इसी आधार पर मनुष्य को प्राकृतिक प्राणी कहते थे। अरस्तु ने अनेक रचनाएँ कीं; उनका दर्शन आज भी उच्च कक्षाओं में पढ़ाया जाता है।
एक महान् दार्शनिक की प्रेरणाप्रद जीवनी, जो पाठक को विभिन्न विषयों की जानकारी देगी, प्रेरित करेगी।
Archimedes by Vinod Kumar Mishra
सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक आर्कमिडीज का जन्म ई.पू. 275 में यूनान के पास सायराक्यूज शहर में हुआ था। उनके पिता एक प्रसिद्ध खगोलशास्त्री थे, जिन्होंने आर्कमिडीज को गणना करना सिखाया। शीघ्र ही वे गणित में पारंगत हो गए। उस समय के उत्कृष्ट शिक्षा केंद्र अलेक्जेंड्रिया से शिक्षा प्राप्त कर वे सायराक्यूज लौट आए थे।
आर्कमिडीज ने एक के बाद एक आविष्कार किए। पानी के टब में नहाते-नहाते ही उन्होंने ‘उत्प्लावन बल’ की खोज कर डाली। लीवर और घिरनियों का उनका सिद्धांत बड़ा ही उपयोगी सिद्ध हुआ। उस जमाने में ही उन्होंने एक उत्कृष्ट सैन्य जलयान तैयार करके दिखाया, जो दो हजार वर्षों तक सबसे बड़ा और अनूठा बना रहा। आश्चर्य की बात है कि आज से 2200 वर्ष पूर्व आर्कमिडीज ने सौर ऊर्जा के महत्त्व को समझ लिया था।
ब्रह्मांड की कल्पना कर उन्होंने एक अद्भुत शोध-ग्रंथ लिखा तथा खगोलीय पिंडों की कल्पना की। उनकी दो गणितीय रचनाएँ बड़ी प्रसिद्ध हैं—‘स्टोमैकियन’ तथा ‘द कैटल प्रॉब्लम’।
आर्कमिडीज अपने जीवनकाल में अपने चमत्कारी आविष्कारों से सभी के आकर्षण का केंद्र बने रहे, पर मृत्यु के पश्चात् वे कवियों की रचनाओं का केंद्रबिंदु बन गए।
अद्भुत वैज्ञानिक आर्कमिडीज के जीवन और उनके आविष्कारों का प्रामाणिक विवरण देती प्रेरणाप्रद जीवनी।
Arithmetic With Shortcut Methods
A Modern Approach to pass various competitive exams based on the current syllabus and helpful to excel in Arithmetic With Shortcut Methods exams and perform best in their career and comes with detailed solutions, not just the answer key, for each and every question included in it. It promotes self-evaluation by enabling you to not only practice and revise concepts but also keep track of your progress. This book allows you to clarify your doubts and remove the fears generally associated with exams, improve your concentration and hone your time management skills, enabling you to answer the questions within the given time frame.
Arjun Ka Dwandwa by Deokinandan Gautam
आम धारणा है कि अर्जुन वास्तव में युद्ध से विरत हो रहे थे, वह तो भगवान् श्रीकृष्ण ने ही उन्हें युद्ध में ढकेल दिया। इस भ्रांत धारणा की जगह इस विषय में सुधीजन सुविचारित मत बना सकें, उनकी सहायता हेतु इस पुस्तक की रचना हुई है। इस हेतु महाभारत युद्ध-पूर्व की हलचलों का संज्ञान लिया है और युद्धभूमि पर पदार्पण के समय की चर्चा भी की गई है। गीता के ज्ञान ने अर्जुन को कतई बरगलाने का काम नहीं किया था, अपितु उन्होंने इस ब्रह्मज्ञान को हृदय से स्वीकार किया था। इसका प्रमाण उनकी शांतिकाल की जिज्ञासा के वर्णन में दिया गया है। इस प्रसंग में ‘अनुगीता’ पर भी संक्षिप्त चर्चा की गई है। इससे महाभारत ग्रंथ के ज्ञान के खजाने के रूप में भी पाठक को कतिपय परिचय मिल सकेगा।
Arnav by Poonam Anand
रंग-बिरंगे फूल खिले हैं
मन का कोना है क्यों सूना
लाख जतन कर लो माली
सूखी बगियाँ लुभा नहीं पाती।
दुनिया तो है रंग-बिरंगी
इनसान बन बैठा क्यों कठपुतली
हाथ डोर तो, जोर से पकड़े
फिर भी खुल जाती क्यों मुट्ठी
रंगों को कमजोर न समझे
जीवन में है इसका बड़ा मेल
खुले मन से मित्र बना तो
हो जाओगे सबसे अनमोल।
इंद्रधनुष सा रंग साजे तो
पलभर में देता सुखद एहसास
आँखों में पलते सपने
रंगों से कर देते बरसात।
रंगों का है खेल निराला
धूप कहीं, कभी घनी छाया
रंग भेद ने खूब रुलाया
रंगों ने है सबको मिलाया।
—इसी संग्रह से
Arogyadham
Arogyadham a Family Health Magazine, being published from Muzaffarnagar (U.P.) India, the cradle of authentic Ayurveda, is the largest circulated and most admired publication on Ayurveda in India.It is among the top 15 Hindi magazines in India and in Ayurveda among the top 2. Its Readership is more than 7 Million (70 Lac).
Ever since its inception, ‘Arogyadham has been promoting authentic Ayurveda across continents. At present, the magazine has edition in Hindi Language.
‘Arogyadham’ extensively covers the developments in this branch of medical science. The regular features include interviews with eminent practitioners and scholars of Ayurveda, detailed examination and remedies of diseases, patient experience, research news and reports on technological advancements. The magazine has exclusive sections on Yoga, food and beauty care which have become a major attraction with the young generation of readers.
Arogyadham has been participating in all health tourism events across the world.