Main Khalil Gibran Bol Raha Hoon by Mahesh Sharma

SKU: 9789383111879

संसार के श्रेष्ठ चिंतकों में अग्रणी खलील जिब्रान के कथन मुख्यतः दैनिक जीवन में संदेश जैसे हैं, अतः वे हमारे जीवन को छूतेसे महसूस होते हैं। उनकी सूक्तियाँ सीधे मर्म को प्रभावित करती हैं।
खलील जिब्रान का मानना है कि आदमी का आकलन उसके कर्म तय करते हैं। लेबनान में 6 जनवरी, 1883 को जनमे खलील स्वभाव से विनम्र, मौनप्रिय, भावुक, अच्छे श्रोता, स्त्री अधिकारों के पक्षधर और सकारात्मक आध्यात्मिक मार्गदर्शक रहे। उनके लेखन में मुसलिम, सूफी, बहाई, हिंदू, बौद्ध आध्यात्मिक दर्शन के साथसाथ ईसा मसीह, ब्लेक, नीत्से, यीट्स, व्हिटमैन, इमरसन और उनके समकालीन चिंतकविचारकों के विचारों का संगम देखने को मिलता है। उनके कथन एवं सूक्त वाक्य अनुकरणीय हैं, जो हमारे जीवनदर्शन को गहरे प्रभावित करते हैं।

Main Krishana Bol Raha Hoon by Anil Sharma

SKU: 9789383111732

भगवान् श्रीकृष्ण का पृथ्वीलोक पर अवतरण ऐसे समय में हुआ था, जब यहाँ पर अन्याय, अधर्म और अनीति का प्रसार हो रहा था। आसुरी शक्तियाँ प्रभावी हो रही थीं और संतों, ऋषिमुनियों के साथसाथ सामान्य जनों का जीवन दूभर हो गया था; यहाँ तक कि स्वयं पृथ्वी भी बढ़ते अत्याचारों से त्राहित्राहि कर उठी थी। भगवान् श्रीकृष्ण ने अवतरित होकर न केवल दुष्ट राजाओं, राक्षसों और अधर्म का नाश किया, वरन् संतजनों, प्रिय भक्तों और सामान्य प्रजाजनों का उद्धार किया। महाभारत का युद्ध आरंभ होने से पूर्व अपने प्रिय भक्त अर्जुन का मोह दूर करने के लिए भगवान् वासुदेव ने उसे मोह और आसक्ति त्यागकर कर्म करने का उपदेश दिया, जो ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ के रूप में विख्यात है।
अर्जुन की भाँति भगवान् श्रीकृष्ण ने अपने प्रिय भक्तों उद्धव आदि को भी वैराग्य, भक्ति, कर्म, ज्ञान, लोकपरलोक और जीवन के सभी पक्षों का विशद ज्ञान कराया। भगवान् श्रीकृष्ण के द्वारा दिए गए ज्ञान का भंडार अथाह, असीमित और अनंत है, तथापि उस ज्ञान के महासागर में से अंजुलि भर ज्ञान के मोती ही इस पुस्तक में आप तक पहुँचाने का एक प्रयास किया है। कर्म, भक्ति, नैतिकता और जीवनमूल्यों का व्यावहारिक ज्ञान देनेवाली पुस्तक।

Main Mahaveer Bol Raha Hoon by Dulichand Jain

SKU: 9789386001412

संसार के सर्वश्रेष्ठ महापुरुषों में भगवान् महावीर का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। भगवान् महावीर थे अहिंसा के सर्वोच्च प्रवक्ता, एक युगपुरुष, एक ऐसे युगद्रष्टा थे, जिन्होंने मानव कल्याण हेतु अपना जीवन समर्पित कर दिया।
महावीर जैन धर्म में वर्तमान अवसर्पिणी काल के चौबीसवें तीर्थंकर हैं। भगवान् महावीर का जन्म करीब ढाई हजार साल पहले वैशाली के गणतंत्र राज्य क्षत्रिय कुंडलपुर में हुआ था। महावीर को ‘वर्धमान’, ‘वीर’, ‘अतिवीर’ और ‘सन्मति’ भी कहा जाता है।
तीस वर्ष की आयु में गृह त्याग करके, उन्होंने एक लँगोटी तक का परिग्रह रखा। हिंसा, पशुबलि, जात-पाँत का भेदभाव जिस युग में बढ़ गया, उसी युग में भगवान् महावीर का जन्म हुआ। उन्होंने दुनिया को सत्य व अहिंसा का पाठ पढ़ाया। तीर्थंकर महावीर स्वामी ने अहिंसा को उच्चतम नैतिक गुण बताया। उन्होंने दुनिया को जैन धर्म के पंचशील सिद्धांत बताए, जो हैं—अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, अचौर्य (अस्तेय) और ब्रह्मचर्य। भगवान् महावीर ने अपने उपदेशों और प्रवचनों के माध्यम से दुनिया को सही राह दिखाई और मार्गदर्शन किया।
भगवान् महावीर के अनमोल वचन न केवल प्रेरक हैं, अपितु मानव मात्र के लिए अनुकरणीय भी हैं। विचारों की ऐसी रत्न-मंजूषा है यह पुस्तक, जो पाठकों के जीवन-पथ को आलोकित कर देगी।

Main Napoleon Hill Bol Raha Hoon by Mahesh Dutt Sharma

SKU: 9789386001948

महान् विचारक और उनके प्रेरक विचार सदा से ही मानव सभ्यता के दिग्दर्शक रहे हैं। इनके अनुभूत मौलिक चिंतन ने समाज और राष्ट्र-निर्माण की दिशा में सदैव ही महत्त्वपूर्ण कार्य किया है। आज से वर्षों पहले इनके मुख से निकली वाणी आज भी उतनी ही प्रासंगिक और शाश्वत है, जितनी तब थी।
दुनिया भर में महान् विचारकों की एक बृहत् शृंखला रही है। सुकरात, अरस्तु, प्लूटो, कन्फ्यूशियस, पाइथागोरस इत्यादि वे नाम हैं, जो विश्वदर्शन में उच्च स्थान रखते हैं। इनके विचार व्यक्ति और व्यक्तित्व में आमूल-चूल परिवर्तन लाने में समर्थ हैं।
प्रस्तुत पुस्तक में विश्व के एक महान् विचारक नेपोलियन हिल की संक्षिप्त जीवनी और उनके मौलिक विचारों का संकलन किया गया है, जो निश्चित ही पाठकों के मर्म को गहरे प्रभावित करने में सक्षम हैं। इनका अनुकरण हमारे जीवन को सार्थकता देने व राष्ट्र-निर्माण में योगदान करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

Main Narendra Modi Bol Raha Hoon by Mahesh Sharma

SKU: 9789351864073

कुशल शासक एवं संगठक, ओजस्वीवक्ता, कवि-लेखक-विचारक और युगदृष्टा, भारत गणराज्य के सर्वाधिक लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक नारा है—‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’। प्रधानमंत्री जन-धन योजना, आदर्श ग्राम योजना, मेक इन इंडिया, बेटी बचाओ-बेटी बढ़ाओ आदि अनेक महत्त्वाकांक्षी योजनाओं का सफल कार्यान्वयन उनकी प्राथमिकता है। उनके नेतृत्व में जापान, चीन, अमेरिका जैसी विश्व-शक्तियों के साथ-साथ भूटान, नेपाल जैसे पड़ोसी देशों के भी अब भारत के साथ संबंध सुदृढ़ हो रहे हैं। नरेंद्र मोदी कहते हैं कि जब मैं विश्व के किसी शक्ति-संपन्न देश के राष्ट्राध्यक्ष से बराबरी के स्तर पर बात करता हूँ तो उसके पीछे सवा अरब भारतीयों की शक्ति का संबल होता है।
नरेंद्र मोदी का व्यक्तित्व बहुआयामी है। वे एक ओजस्वी वक्ता होने के साथ-साथ अच्छे लेखक भी हैं। उनकी अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं—‘सेतुबंध’, ‘आपातकाल में गुजरात’, ‘ज्योतिपुंज’, ‘सामाजिक समरसता’ तथा ‘साक्षी भाव’। इन पुस्तकों में उनकी समाज के हर वर्ग के प्रति संवेदना और उनका विकास करने की जिजीविषा झलकती है।
प्रस्तुत पुस्तक में संकलित हैं उनके ओजपूर्ण, प्रेरणाप्रद और देशराग के रस में पगे विचार, जो जन-जन को भारत को एक समर्थ और सबल राष्ट्र बनाने के लिए प्रेरित करेंगे।

Main Nehru Bol Raha Hoon by Giriraj Sharan Agrawal

SKU: 9789380823225

पं. जवाहरलाल नेहरू का राष्ट्रवाद, धार्मिक या जातीय राष्ट्रीयता की संकुचित भावना से परे, विश्व-मानव की सेवा का माध्यम था। देश, जाति या धर्म-संप्रदाय के अहंकार से मुक्त उनका राष्ट्रवाद विश्वशांति की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए समर्पित था।
नेहरूजी ने स्वतंत्र भारत में दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र स्थापित कर ‘पंचशील’ और ‘विश्वशांति’ का शुभ संदेश दिया। भारत में सुनियोजित अर्थनीति और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान से भरपूर औद्योगिक प्रगति की आधारशिला रखने के लिए उन्हें युगों-युगों तक याद किया जाएगा।
पं. जवाहरलाल नेहरू स्वाधीनता संग्राम के अग्रणी नायक तो थे ही, आधुनिक प्रगतिशील भारत के नव-निर्माण में उनका अनुपम योगदान हमारे इतिहास का स्वर्णिम शिलालेख है।
आज नेहरूजी हमारे बीच नहीं हैं, मगर उनके प्रेरक विचार आज भी राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक समस्याओं के समुद्र में प्रकाश-स्तंभ बने हुए हैं। देश की नई पीढ़ी के छात्रों और युवाओं के वैचारिक प्रशिक्षण एवं प्रेरणा के लिए नेहरूजी के प्रेरक-मार्गदर्शक विचार, उनके ऐतिहासिक भाषणों, लेखों, पत्रों और पुस्तकों से चुनकर संकलित किए गए हैं।

Main Patel Bol Raha Hoon by Giriraj Sharan Agrawal

SKU: 9789350480786

भारत के स्वाधीनता- आंदोलन और स्वतंत्र गणराज्य के नवनिर्माण में अग्रणी जननेता, सर्वत्यागी देशभक्‍त व निर्भय राष्‍ट्रवादी सरदार वल्लभ भाई पटेल का अनन्य योगदान है । अपने गुरु-गंभीर व्यक्‍त‌ित्व, त्यागमय चरित्र, कूटनीति-कौशल और संकल्पनिष्‍ठा के कारण उनका बड़ा सम्मान था । भारत-विभाजन और लाखों शरणार्थियों की करुण पुकार से दुःखी देश में शांति-व्यवस्था स्थापित करने के साथ ही, 550 से अधिक छोटी-बड़ी रियासतों को समाप्‍त करके विराट‍् भारतीय गणराज्य की प्राण-प्रतिष्‍ठा करने वाले ‘ लौहपुरुष ‘ सरदार पटेल को इतिहास कभी नहीं भूलेगा । ऐसे महामानव के प्रेरक विचारों से देश की छात्र-युवा पीढ़ी को परिचित कराने का यह अकिंचन प्रयास है । ये विचार सरदार पटेल के जीवन-दर्शन को तो प्रस्तुत करते ही हैं, निराश और पराजित मानव को आशा का नया संदेश भी देते हैं ।

Main Premchand Bol Raha Hoon by Rajasvi

SKU: 9789383111756

उपन्यास सम्राट् मुंशी प्रेमचंद ने गरीब मजदूरों व किसानों पर हो रहे अत्याचारों और उनके शोषण को बड़ी निकटता से देखा था। यही कारण है कि उन्होंने समाज से जुड़ी इस तरह की घटनाओं का अपनी रचनाओं में यथार्थ रूप से स्पष्ट वर्णन किया है।
भारत उस समय परतंत्रता की बेडि़यों में जकड़ा हुआ था। अंग्रेज सरकार भारतीय जनता पर तरहतरह के अत्याचार कर रही थी, जिससे जनता बुरी तरह त्रस्त थी। लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना जाग्रत् करने के लिए प्रेमचंद ने अनेक लेख, कहानियाँ और उपन्यास लिखे। घोर निराशा में डूबी और अवसादग्रस्त जनता को झकझोरने के लिए उन्होंने सामाजिक कुप्रथाओं, जैसे— अनमेल विवाह, दहेजप्रथा और बालविवाह पर कड़े प्रहार किए।
इस पुस्तक में देश, समाज, धर्म, मानवीय अनुभूतियों और साहित्य की विभिन्न विधाओं पर प्रेमचंदजी के सुस्पष्ट विचारपुष्प संचित हैं। प्रेमचंद की विभिन्न रचनाओं, लेखों एवं भाषणों में अभिव्यक्त उनके विचारों का प्रेरणाप्रद संकलन है ‘मैं प्रेमचंद बोल रहा हूँ’।

Main Rajendra Prasad Bol Raha Hoon by Ed. Rajaswi

SKU: 9789383111107

स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेता, महात्मा गांधी के परम शिष्य और भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ‘सादा जीवन उच्च विचार’ के आदर्श में विश्‍वास रखते थे। राष्‍ट्रपति पद की मर्यादा का ध्यान रखते हुए भी वे अपने रहन-सहन और पहनावे आदि में अत्यंत सादगी अपनाते थे।
शांतमना डॉ. राजेंद्र प्रसाद सात्त्विकता और सौम्यता की प्रतिमूर्ति थे। वे ऐसे महामानव थे, जिन्होंने अपना सर्वस्व लोकसेवा के लिए अर्पित कर दिया। उन्होंने राष्‍ट्रपति रहते हुए अनेक महत्त्वपूर्ण योजनाओं को कार्यान्वित किया और भारत को सफल एवं सशक्त राष्‍ट्र बनाने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। देशहित में दिए गए उनके महान् योगदान को कभी विस्मृत नहीं किया जा सकेगा।
इस पुस्तक के सभी अंश डॉ. राजेंद्र प्रसाद के विभिन्न अवसरों पर दिए गए वक्‍तव्यों, लेखों और उनके द्वारा लिखित पुस्तकों से संकलित किए गए हैं। इनका उद्देश्य डॉ. राजेंद्र प्रसाद की विचारधारा आगे बढ़ाते हुए पाठकों को देशहित एवं लोकहित के लिए प्रेरित करना है।
व्यक्तित्व विकास, चरित्र-निर्माण एवं राष्‍ट्र-निर्माण के लिए आवश्यक दृष्‍ट‌ि देनेवाले देशरत्‍न डॉ. राजेंद्र प्रसाद के अनमोल वचनों का प्रामाणिक संकलन।

Main Ram Bol Raha Hoon by Promod Kumar Agrawal

SKU: 9789383111374

राम का जीवन भारतीयों के लिए एक आदर्श जीवन है। जन्म से लेकर अंत तक राम का चरित्र एक दीप-स्तंभ है। ऐसे सार्वकालिक राष्‍ट्रीय नायक का कथानक किसी भी कृति को गौरवान्वित करता है।
‘रामचरितमानस’ के धीरोदात्त नायक राम कथनी से अधिक करनी में विश्‍वास रखते थे। अतः उनके जो भी कथन उपलब्ध हैं, वे भारतीय संस्कृति की महत्त्वपूर्ण धरोहर हैं।
राम के प्रस्तुत उद्‍घोष तुलसीकृत रामचरितमानस एवं लेखक की समांतर कृति ‘रामचरितमानस ः नाट्य रूप’ से उद्‍धृत किए गए हैं।
विश्‍वास है, सुधी पाठक प्रस्तुत कृति से प्रेरणा ग्रहण करके अपने जीवन को सफल बनाएँगे और भारतीय तथा विश्‍व-समाज को समुन्नत करने में योगदान देंगे।

Main Ramatirtha Bol Raha Hoon by Ed. Pranavendra Kumar

SKU: 9789386001894

स्वामी रामतीर्थ एक महान् तत्त्वज्ञानी और धर्मोपदेशक थे। उनका जन्म
2 अक्तूबर, 1873 को पंजाब के गुजराँवाला जिले के मुरारीवाला गाँव में हुआ था। उनके पिता गोसाईं हीरानंद पुरोहिताई करके अपने परिवार की जीविका चलाते थे। गोस्वामी तुलसीदासजी के वंश से उनके परिवार का संबंध था।
रामतीर्थ के दादा गोसाईं रामचंद्र अपने समय के प्रसिद्ध ज्योतिषी थे। रामतीर्थ की कुंडली बनाते समय ही उन्होंने यह बात स्पष्ट कर दी थी कि ‘रामतीर्थ’ बहुत बड़ा विद्वान् तथा धर्म-प्रचारक बनेगा; किंतु बहुत कम आयु तक ही वह इस संसार में रहेगा।
स्वामी रामतीर्थ वास्तव में एक चमत्कारी पुरुष थे। उनका समस्त जीवन अत्यंत विलक्षण तथा प्रेरणादायक था। उन्होंने अद्वैत वेदांत को अत्यंत सरल करके जनमानस के समक्ष इस तरह से रखा कि साधारण बुद्धिवाला मनुष्य भी उससे लाभान्वित हो सके। उन्होंने मनुष्य को त्याग, आत्मविश्वास, कर्म, निष्ठा, निर्भयता, दृढता, एकता और विश्व-प्रेम की व्यावहारिक शिक्षा देकर उन्हें सत्य का मार्ग दिखाया। उनके उपदेश ही नहीं, बल्कि उनका समस्त जीवन ही वेदांतमय व शिक्षाप्रद है। उनका पवित्र हृदय सद्भाव एवं सौमनस्य से प्रदीप्त था।
मानवीय गुणों से साक्षात्कार कराती दिव्यपुरुष स्वामी रामतीर्थ की पावन वाणी और विचार-मंजूषा के रत्न संकलित हैं इस पुस्तक में।

Main Sai Baba Bol Raha Hoon by Parul Priya

SKU: 9789386001962

श्री साईं बाबा के माता-पिता, उनके जन्म और जन्मस्थान के बारे में किसी को भी ज्ञान नहीं है। इस संबंध में बहुत छानबीन की गई। बाबा से तथा अन्य लोगों से भी इस विषय में जानकारी ली गई, परंतु कोई संतोषप्रद उत्तर अथवा सूत्र हाथ न लग सका।
नामदेव और कबीरदास का जन्म भी सामान्य लोगों की भाँति नहीं हुआ था। वे बालरूप में प्रकृति की गोद में पाए गए थे और ऐसा ही साईं बाबा के संबंध में भी था। वे शिरडी में नीम वृक्ष के तले सोलह वर्ष की तरुणावस्था में भक्तों के कल्याणार्थ प्रकट हुए थे।
वे कफनी पहनते, लँगोट बाँधते और कपड़े के एक टुकड़े से सिर ढकते थे। वे आसन तथा शयन के लिए एक टाट का टुकड़ा काम में लाते थे। इस प्रकार फटे-पुराने चीथड़े पहनकर वे बहुत संतुष्ट प्रतीत होते थे। वे सदैव यही कहा करते थे—‘गरीबी अव्वल बादशाही, अमीरी से लाख सवाई, गरीबों का अल्लाह भाई।’
मानवता, करुणा, परोपकार, पारस्परिकता व जनकल्याण का अनुपम संदेश देनेवाले शिरडी के साईं बाबा के अनमोल वचन और अमर वाणी का प्रेरणाप्रद संकलन।

Main Sri Sri Ravi Shankar Bol Raha Hoon by Karishma Bajaj

SKU: 9789383111312

आध्यात्मिक गुरु एवं मार्गदर्शक श्री श्री रविशंकरजी ने करोड़ों लोगों को सेवा का मार्ग दिखाया है। प्यार और सामंजस्य विकसित करने के लिए मानवता की सेवा की, ताकि मनों के बीच की दीवार को तोड़ा जा सके। विश्‍व भर में उनके भक्‍तों ने आर्ट ऑफ लिविंग को दुनिया का विशालतम गैर-सरकारी संगठन बनाने में अपना सहयोग दिया है। गुरुजी की छत्रच्छाया में असंख्य कल्याणकारी योजनाएँ आरंभ की गई हैं, जिन्हें उनके भक्‍त चला रहे हैं और करोड़ों लोगों के जीवन का उद्धार कर रहे हैं।
इस पुस्तक में संकलित प्रत्येक सूत्र एक बहुमूल्य खजाना है, जो पाठक की जीवन-यात्रा को अमूल्य बना देता है। जीवन के विविध रंग लिये इन विचारों को पढ़ने से आपके तनाव, भय, चिंताएँ, असुरक्षाएँ, क्रोध, घृणा आदि दूर हो जाएँगे और आप अपने में एकाकार होकर स्वतः ही खुश रहने लगेंगे। प्यार से आपको प्यार हो जाएगा; आप करुणामय हो जाएँगे, शांति महसूस करेंगे; आनंदमय हो जाएँगे, संतुष्‍टि के भाव से भर जाएँगे।

Main Steve Jobs Bol Raha Hoon by Mahesh Sharma

SKU: 9789383111749

स्टीव जॉब्स को कंप्यूटर तकनीक का ‘माइकेल एंजेलो’ कहा गया है। जिन उपकरणों का आविष्कार एवं प्रसार उन्होंने किया, उनके पीछे सुविधा और साधन की सहजता के साथ कलात्मक प्रस्तुति अहम रहती थी। छोटे कंप्यूटर हों, संगीत सुनने के यंत्र हों, मोबाइल उपकरण हों या निपट संकुचित टैबलेट संयंत्र, सुरुचि और प्रतिभा के बल पर स्टीव जॉब्स ने अपने बनाए उपकरणों को दुनिया भर में पहचान दिलाई। ऐसी प्रतिभा कम ही लोगों में होती है।
असीम कल्पनाशीलता के बल पर कंप्यूटरों के सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर से लेकर बनावट तक में उन्होंने अलग छाप छोड़ी। स्टीव जॉब्स ने आईपॉड की खोज करके संगीत की दुनिया को लोगों की जेबों में समेट दिया। आईफोन बनाया तो फोन में कंप्यूटर का जादुई अहसास भर दिया। फिर आईपैड के आविष्कार ने सूचना तकनीक की तमाम सुविधाओं को एक उपकरण में इकट्ठा कर दिया। इस तरह उन्होंने कंप्यूटर जैसे उपकरण को रोजमर्रा की आवश्यकता बना दिया। इससे दुनिया भर में सूचनाक्रांति को काफी बल मिला।
प्रस्तुत पुस्तक में स्टीव जॉब्स की प्रेरक सूक्तियों का संकलन किया गया है, जो नवाचार, कठोर परिश्रम, लगन और टीमवर्क की भावना को बल देती हैं।

Main Subhash Bol Raha Hoon by Giriraj Sharan Agrawal

SKU: 9789380823232

नेताजी सुभाष चंद्र बोस महान् देशभक्त थे। ब्रिटिश दासता से मुक्ति और पूर्ण स्वातंत्र्य उनका लक्ष्य था। बर्लिन रेडियो से एक प्रसारण में उन्होंने कहा था, “अपने जीवन की अंतिम साँस तक मैं मातृभूमि की सेवा करता रहूँगा और उसके लिए बड़े-से-बड़ा बलिदान करने से न झिझकूँगा। मेरे लिए भारत का हित सर्वप्रिय है, चाहे मैं संसार के किसी भी भाग में हूँ।”
‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा’ के द्वारा स्वतंत्रता-सेनानियों में आजादी का महामंत्र फूँकनेवाले नेताजी सुभाष को भारतीय संस्कृति में अटूट विश्वास था। वे कहते थे कि मैं उन लोगों में से नहीं हूँ, जो आधुनिकता के जोश में अपने अतीत के गौरव को भूल जाते हैं। हमारे पास विश्व को देने के लिए दर्शन, साहित्य, कला और विज्ञान में बहुत कुछ है और सारा संसार हमारी ओर टकटकी लगाए देख रहा है।
ऐसे अमर बलिदानी, राष्ट्रभक्त और क्रांतिकारी विचारक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की चिंतनधारा से अपने देश की होनहार छात्र-युवा पीढ़ी को परिचित-प्रेरित कराने के शुभ संकल्प के साथ यह संकलन प्रस्तुत है।

Main Tagore Bol Raha Hoon by Anil Mishra

SKU: 9789383111763

भारतीय नवजागरण में अनेक लोगों ने अपनेअपने स्तर पर श्रेष्ठ योगदान दिया। ऐसे ही अनन्य महापुरुषों की पंक्ति में एक नाम रवींद्रनाथ टैगोर का भी है। यह संभवतः एक विलक्षण व महत्त्वपूर्ण नाम है, क्योंकि इसी व्यक्ति ने भारतीय, विशेषकर बँगला साहित्य को विश्व के सामने प्रस्तुत किया। उनके अद्भुत लेखन तथा कल्पनाशक्ति ने ही उन्हें ‘विश्व पुरुष’ के रूप में पहचान दी। वे भारतीय संस्कृति एवं शिक्षापद्धति के पर्याय पुरुष माने जाते हैं। उन्होंने स्वतंत्रता पूर्व भारत में शिक्षा और साहित्य का गौरव बढ़ाया। उनका नाम विश्व साहित्य में एक अलग पहचान रखता है, क्योंकि वे भारतीय साहित्यजगत् तथा एशिया के प्रथम नोबेल पुरस्कार विजेता थे, जो उन्हें उनके कालजयी काव्य ‘गीतांजलि’ के लिए दिया गया।
उल्लेखनीय है कि उन्होंने भारत के राष्ट्रगान ‘जनगणमन’ के साथसाथ बांग्लादेश के राष्ट्रगान ‘आमार सोनार बांग्ला’ की रचना भी की। इसलिए विश्व में उन्हें ‘कविगुरु’ और ‘गुरुदेव’ जैसे आदरणीय उपनामों से संबोधित किया गया।
प्रस्तुत पुस्तक में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के नाना विषयों पर प्रकट विचारों और उनकी सोच को वर्णित किया गया है। टैगोर को संपूर्ण रूप में जाननेसमझने में सहायक एक उपयोगी पुस्तक।

Main Tilak Bol Raha Hoon by Giriraj Sharan Agrawal

SKU: 9789380823188

भारत माँ के अमर सपूत लोकमान्य बालगंगाधर तिलक एक संघर्षशील राजनेता थे। उन्होंने मृतप्राय भारतीय समाज को संघर्ष करने की प्रेरणा दी। इस संघर्ष से एक नए समाज का उदय हुआ, एक नए युग का आरंभ हुआ। स्वराज्य उनके लिए धर्म था, स्वराज्य उनके लिए जीवन था। स्वदेशी आंदोलन के लिए उन्होंने गणपति महोत्सव शुरू किया, भारतीयों को विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार के लिए तैयार किया।
कोरे आदर्शवाद से लोकमान्य का संपर्क नहीं था। उन्होंने व्यावहारिक विषयों पर व्यावहारिक दृष्टिकोण से चिंतन किया। उनका चिंतन उनके कार्यों का आधार बना। लोकमान्य तिलक तत्कालीन शिक्षा-प्रणाली से पूर्णत: असंतुष्ट थे। तिलक चाहते थे कि हमारी शिक्षा-प्रणाली स्वतंत्र देश के समान हो। उन्होंने राष्ट्रीय एकता के लिए मातृभाषा के माध्यम से शिक्षा दिए जाने पर जोर दिया।
तिलक अपने तेज से एक पूरे युग को नई आभा से मंडित कर गए। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता-आंदोलन को केवल प्रेरणा ही नहीं दी, वरन् संघर्ष करने की एक निश्चित योजना भी दी।
ऐसे अमर साधक, कर्मयोगी, राष्ट्ररक्षक और सत्य के प्रतिपालक लोकमान्य बालगंगाधर तिलक की विचारधारा से अपने देश की युवा पीढ़ी को परिचित कराने और प्रेरित करने का मंगलकारी संकल्प लेकर तैयार किया गया प्रस्तुत संकलन युवा पीढ़ी को समर्पित है।

Main Warren Buffett Bol Raha Hoon by Mahesh Sharma

SKU: 9789383111862

अगर आप एक बिजनेस को समझते हैं तो अनेक की जरूरत नहीं है।’ इस कथन को स्वयं पर चरितार्थ करनेवाले वॉरेन बफे दुनिया के शीर्ष पाँच अमीरों में एक हैं। उन्होंने अपने व्यावसायिक जीवन के आरंभ से ही एक ही बिजनेस (शेयर कारोबार) को अपना मूलाधार बनाया और सिद्ध कर दिया कि सफलता के मायने अनेक दिशाओं में हाथपैर मारने में नहीं, बल्कि एक ही लक्ष्य पर केंद्रित होने में है। बफे ने शेयर कारोबारियों के लिए जो नियम बनाए हैं, वे संगृहीत रूप मे ‘शेयर कारोबार की बाइबिल’ कहे जाते हैं। उनका कहना है— ‘स्टॉक मार्केट पर उतारचढ़ाव से डरो मत। खरीदो और बेचो भी मत। इन चीजों में मत फँसो। रोज अखबार भी मत पढ़ो।’ शेयर कारोबार के अतिरिक्त उनका जीवनदर्शन समाजनिर्माण के भाव को भी प्रशस्त करता है। उनका कहना है कि ‘संपत्ति ने मनुष्य का निर्माण नहीं किया है, बल्कि मनुष्य ने संपत्ति ईजाद की है। अपनी जिंदगी को जितनी सहजता और सरलता से जी सको, जीने की कोशिश करो।’
सफल उद्यमी होने के साथ ही सरलतासहजता के प्रतिमूर्ति परोपकारी वॉरेन बफे के प्रेरणाप्रद जीवन की बानगी देती उनकी सूक्तियों का पठनीय संकलन।

Malti Joshi Ki Lokpriya Kahaniyan by Malti Joshi

SKU: 9789351868828

मालती जोशी की कहानियों के साथ उनके लाखों प्रशंसक अपनी जिंदगी का ताना-बाना बुनते हैं। एकदम सहज और घरेलू होने के बाद भी उनकी कहानियाँ बहुत बड़ा सामाजिक संदेश दे जाती हैं। ये कहानियाँ संस्कारों का भंडार हैं। मानवीय संवेदनाओं के सूक्ष्मतम स्पंदनों को भी अपने शब्दों में बाँधने की क्षमता रखनेवाली मालतीजी अपनी सहज प्रवाहमय भाषा शैली के माध्यम से कब पाठकों के मन की गहराई में उतर जाती हैं, पता ही नहीं चलता। आज मालतीजी की कहानियाँ समाज के हर वर्ग में, चाहे वो गृहिणी हो या कामकाजी महिला, बड़े पदों पर पदस्थ व्यक्ति है या अपनी सीमित आय में कठिनाई से जीवनयापन करनेवाला साधारण व्यक्ति, नवविवाहित हो या वानप्रस्थ की ओर जाते दंपति हो, गाँव-देहात में पढ़नेवाला युवा हो या महानगरों में बड़े प्रोफेशनल कॉलेज में पढ़नेवाला युवा, गरज ये कि सभी वर्गों में सभी पीढि़यों में आदर और सम्मान के साथ ग्रहण की जाती हैं। यही कारण है कि आज मालती जोशी की कहानियों को बिखरते परिवारों को फिर से एक सूत्र में पिरोने की क्षमता रखनेवाले आशा के केंद्र के रूप में देखा जाता है।
अपनी इस विलक्षण रचनाधर्मिता में मालतीजी ने एक नया आयाम जोड़ा है— कथा कथन का। मराठी की एक प्रचलित विधा का हिंदी में प्रयोग सर्वथा नया और अनूठा है। मालतीजी अपनी पूरी कहानी बिना पढ़े, बिना देखे भावों का सम्मिश्रण करते हुए पाठकों को सुनाती हैं। कथा सुननेवाले कहानी से, कथ्य से तो मुग्ध होते ही हैं, मालतीजी की शैली से भी चमत्कृत हो जाते हैं।

Malyalam Ki Lokpriya Kahaniyan by S. Tankmani Amma

SKU: 9789352663835

मलयालम साहित्य की सर्वाधिक सशत, समृद्ध एवं श्रेष्ठ विधा के रूप में स्वीकृति प्राप्त कहानी विधा की प्रतिनिधि एवं लोकप्रिय कहानियों का यह संकलन पठनीयता तथा रोचकता से भरपूर है। इसमें संकलित कहानियाँ मलयालम कहानी के क्रमिक विकास तथा उस विकास यात्रा के दौरान संवेदना और संरचना के क्षेत्र में आए बदलावों को स्पष्ट रेखांकित करनेवाली हैं। मलयालम की लोकप्रिय कहानियों का यह हिंदी अनुवाद संकलन एक ओर भारतीय भाषाओं में विरचित कहानी साहित्य के तुलनात्मक अध्ययन को बढ़ावा देगा तो दूसरी ओर मलयालम कहानियों के अनुवाद को अन्यान्य भाषाओं के लिए सुगम भी बना देगा। भारतीय साहित्य तथा तुलनात्मक साहित्य के अध्येताओं व शोधार्थियों के लिए यह संकलन सर्वथा उपयोगी सिद्ध होगा।

Mamla Khudre Ka by Prashant Karan

SKU: 9789353229597

हिंदी साहित्य के व्यंग्य लेखन की विधा मुझे प्रारंभ से ही बड़ी लुभाती रही। करीब-करीब सारे व्यंग्य लेखकों को पढ़ने और उनसे सीखने का सौभाग्य मिला। व्यंग्य लेखन में गंभीर विषयों पर चुटीले अंदाज में प्रतीकात्मक और परोक्ष रूप से अपनी बातें रखकर सरल तरीके से पाठकों तक पहुँचाया जाता है। अपनी रचनाओं में लेखकों का यह कतई उद्देश्य नहीं होता कि किसी की भावना को ठेस पहुँचाई जाए अथवा नकारात्मक बातों को प्रेषित किया जाए। मैंने भी व्यंग्य लेखन के क्रम में ईमानदारी से इस मर्यादा को पालन करने का प्रयास किया है। लेखन का एकमात्र उद्देश्य यह है कि नकारात्मकता को भी सकारात्मकता के साथ प्रस्तुत कर समाज को सजग और सचेत किया जाए। इन्हीं शुद्ध भावों के साथ अपनी इक्यावन रचनाओं के संकलन के साथ आपके समक्ष सेवाभाव से उपस्थित हूँ।
पुलिस सेवा में रहने के कारण समाज को, व्यक्तियों, परिस्थितियों, घटनाओं, शासन की व्यवस्थाओं को काफी निकट से देखने-समझने का अनुभव और सौभाग्य प्राप्त हुआ। जिन-जिन तथ्यों एवं परिस्थितियों ने मुझे संवेदित किया, उन्हें अपनी रचनाओं में विभिन्न प्रकार से समायोजित करने का प्रयास मैंने किया है। इस पुस्तक के माध्यम से आप पाठक ही यह निर्णय कर पाएँगे कि मैं इसमें कितना सफल हुआ।
—प्रशांत करण

Man Mein Hai Vishwas by Napoleon Hill

SKU: 9789353224233

विश्वप्रसिद्ध मोटिवेटर व सेल्फ हैल्प गुरु नेपोलियन हिल अपने व्यापक अनुभव के आधार पर बताते हैं उस व्यक्ति के गुण, जिसके ‘मन में है विश्वास’—
• वह हमेशा कोई निश्चित काम करने में लगा रहता है, किसी सुनियोजित योजना के माध्यम से, जो निश्चित होती है। उसका जीवन में एक बड़ा लक्ष्य होता है, जिसकी ओर वह निरंतर काम करता रहता है।
• उसकी आवाज का लहजा, उसके कदमों की तेजी, उसकी आँखों की चमक, उसके फैसलों की तत्परता स्पष्ट रूप से उसे एक ऐसे व्यक्ति के रूप में दरशाते हैं, जो जानता है कि वह वास्तव में क्या चाहता है और उसे पाने के लिए कृत-संकल्प रहता है।
• वह दूसरों पर कई एहसान करता है, लेकिन खुद किसी का एहसान बहुत कम या बिल्कुल नहीं लेता।
• यदि उसके पास किसी प्रश्न का जवाब नहीं है तो वह स्पष्ट रूप से कह देगा।
• उसकी याद्दाश्त अच्छी होगी; वह अपनी कमियों के लिए कोई बहाना प्रस्तुत नहीं करेगा।
• वह अपनी गलतियों के लिए किसी दूसरे को दोषी नहीं ठहराएगा, भले ही वे उस दोष के योग्य हों।
• वह उन सबके लिए एक प्रेरणा है, जो उसके मस्तिष्क के संपर्क में आते हैं।

Man On Mission Maharashtra by Ashish Chandorkar

SKU: 9789353226268

नागपुर महापालिका में सबसे युवा मेयर चुने जाने के बाद से महाराष्ट्र राज्य के 18वें मुख्यमंत्री बनने तक का श्री देवेंद्र गंगाधरराव फडणवीस का राजनीतिक सफर तेजस्वी, निष्कलंक एवं प्रेरणाप्रद ही रहा है। उनका व्यक्तित्व राजसत्ता, जनप्रियता और अहंकारमुक्तता का संगम है। इसलिए वह अपनी मेहनत, कुशलता और राजनीतिक चतुरता से शासन-प्रशासन-पार्टी को सक्षम नेतृत्व देने में सफल रहे हैं। अपनी मधुर वाणी, सौम्यता और सादगीपूर्ण व्यवहार से वह लोगों का दिल जीतते आए हैं। राजनीति में आवश्यक संयम और आक्रामकता इन दोनों गुणों का संगम उनमें हुआ है।
केवल महाराष्ट्र का विकास और यहाँ की जनता का चहुँमुखी उन्नयन करने निकल पड़ें वे ‘मैन ऑन मिशन महाराष्ट्र’ हैं। गत पाँच साल में ग्रामीण विकास, किसान और खे ती , आरोग्य, महि ला विकास और इन्फ्रास्ट्रक्चर आदि क्षेत्रों में उनके द्वारा लाए गए नए-नए प्रकल्प और साकार कल्पनाएँ इस बात की साक्षी हैं। उन्हीं के कार्य काल में जलयु क्त शिवार, चाहे इसे खेत में जलसरोवर, माँगे बिजली जैसी कई योजनाएँ सफलतापूर्वक कार्यान्वित हुईं। मुख्यमंत्री सहायता निधि द्वारा कई निर्धन रोगियों को आरोग्य मिला। फेरहिस्त लंबी है, लेकिन जनता ने अनुभव किया है कि यह मुख्यमंत्री महाराष्ट्र का भला करना चाहते हैं।
ऐसे भले व्यक्ति के कार्य का पूरा लेखा-जोखा तो नहीं, लेकिन कुछ कर दिखाने की उनकी ललक की एक झलक का स्वरूप यह पुस्तक प्रस्तुत करती है।
मैं फिर आऊँगा!
मैं फिर आऊँगा!
मेरे किसान भाइयों को चिंता से मुक्ति दिलाने मेरे माता-बहनों को स्वयं पूर्ण-सक्षम करने
मैं फिर आऊँगा—
नव महाराष्ट्र का निर्माण जो करना है।
मेरे युवा मित्रों को नवाचार से सक्षम करने,
गाँव-गाँव में, बिंदु-बिंदु बचाकर उसे जलयुक्त बनाने ग्रामीण महाराष्ट्र की तसवीर बदलने,
मैं फिर आऊँगा—
नव महाराष्ट्र का निर्माण जो करना है।
मैं फिर आऊँगा!
शहरों में आमूलचूल परिवर्तन लाने समूचे महाराष्ट्र को अकाल से मुक्ति दिलाने
नव महाराष्ट्र का निर्माण जो करना है।
मैं फिर आऊँगा—इसी निर्धार से, इसी भूमिका में इसी जगह!
राज्य के हर व्यक्ति का साथ लेने उन सबका हाथ अपने हाथ में लेने
मैं फिर आऊँगा—
मैं फिर आऊँगा—
मेरे अपने महाराष्ट्र को नई आभा देने नव महाराष्ट्र का निर्माण करने
इसी जगह! इसी निर्धार से,
इसी भूमिका में—
मै फिर आऊँगा
(महाराष्ट्र विधानसभा के अंतिम सत्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक कविता से अपने भाषण का समापन किया; यह उसका हिंदी में मुक्तानुवाद है।)

Manager Nahin Smart Manager Banen by R Gopalakrishnan

SKU: 9789350480533

यह ऐसी पुस्तक नहीं है, जिसमें प्रसिद्ध और महान् लोगों की कहानियों से आपको कुछ सीखने के लिए कहा जाए। इस पुस्तक में आम लोगों की कहानी है, जिनमें असफल प्रबंधक भी शामिल हैं। इसमें ऐसी कहानियाँ हैं, जो लोगों को अपनी स्वयं की कहानी लग सकती है, या कि वे इन कहानियों को स्वयं से जोड़कर देख सकते हैं।
यह पुस्तक चार खंडों में बँटी है। पहले खंड में एक व्यक्‍ति के कैरियर की कहानी है। इस कहानी के माध्यम से ही फ्रेमवर्क की व्याख्या की गई है। आगे के तीन खंडों में मैनेजरों की तीनों दुनिया की झलक प्रस्तुत की गई है—ये हैं आंतरिक दुनिया, संबंधों की दुनिया और तीसरी वह दुनिया, जिसमें उसके काम होते हैं।
पुस्तक की एक विशेषता यह भी है कि यह पूरी तरह से प्रयोगों पर आधारित है। एक-एक घटना अथवा कहानी वास्तविक जीवन से जुड़ी है, बस पात्रों के नाम बदले हुए हैं। ये घटनाएँ व कहानियाँ लेखक के अपने या सहयोगियों के अनुभवों पर आधारित हैं।
यह पुस्तक आपकी मैजेनमेंट क्षमता को नया आयाम देगी, आपकी ‘स्मार्टनेस’ बढ़ाएगी। इसके अध्ययन और मनन से आप अपने कौशल को बढ़ा पाएँगे और स्मार्ट मैनेजर बनकर सफलता का नया अध्याय लिखेंगे।
मैनेजरों को सफल मैनेजमेंट के गुरुमंत्र बतानेवाली प्रैक्टिकल हैंडबुक।

Manas Ki Prasangikta by Ram Janma Singh

SKU: 9789355210890

आज के युग में जहाँ थोड़ी-थोड़ी संपत्ति के लिए भाई भाई को मार डालता है; हिस्से में थोड़ी सी न्यूनता हो जाने पर पुत्र अपने माता-पिता की निर्मम हत्या तक कर देता है, वहीं पिता द्वारा दिए गए चक्रवर्ती राज्य को छोटा भाई (श्री भरत) बड़े भाई की संपत्ति समझता है और चौदह वर्ष तक पर्णकुटी में रहकर उसकी रक्षा करता है। आज जबकि टूटते परिवारों से दुःखी समाज के हितैषी संत-महात्मा तथा सरकारें चिंतित हैं और संयुक्त परिवारों की पुनर्स्थापना हेतु अनेक प्रयास कर रही हैं, ऐसे समय में ‘रामचरितमानस’ बहुत ही प्रासंगिक है।
हमारे सामाजिक जीवन की आधारशिला परिवार है। यहीं हम संस्कारित होते हैं। ‘रामचरितमानस’ हमको यह सिखाता है कि पारिवारिक सदस्यों के त्याग, सहयोग, एक-दूसरे को सम्मान देने, प्रेम और पारस्परिक संतुष्टि से ही कोई कुटुंब समृद्धशाली बनता है। अपने लिए वनवास दिए जाने की घटना को श्रीराम कितनी सहजता और प्रसन्नता से लेते हैं, तभी तो असमंजस में पड़े पिता से कहते हैं, ‘‘पितु असीस आयसु मोहि दीजै। हरष समय बिसमउ कत कीजै॥’’
यह पुस्तक आज के टूटते-बिखरते समाज और परिवारों को प्रेम, सद्भाव, साहचर्य, सह-अस्तित्व, सहिष्णुता एवं अन्य मानवीय गुणों से समाहित कर आदर्श समाज की स्थापना का शाश्वत संदेश देनेवाली ‘रामचरितमानस’ की प्रासंगिकता और महत्त्व को रेखांकित करती है।

Manas Mein Laukik Jnan by Dr. Shrikrishna & Kiran Gupta

SKU: 9789390923113

अपने दिल का हाल जानने अपोलो अस्पताल जाना हुआ। हमेशा की तरह मेरे दिल की जाँच-पड़ताल के बाद मेरे दिल के डॉक्टर ने पहली बार अपने दिल का हाल भी बयान किया। देश के जाने-माने इस हृदयरोग विशेषज्ञ के दिल में राम-ही-राम बसते हैं। रामचरितमानस के पाठ से इनका दिनारंभ होता है। इन्हें यह भी भान है कि अनंत लोग इनकी तरह मानस का नित्य वाचन करना चाहते हैं पर समयाभाव आड़े आ जाता है। ऐसे लोगों की सुविधा के लिए इन्होंने कोरोना काल की फुरसत का लाभ उठाकर रामचरितमानस में से वे छंद, दोहे, चौपाइयाँ और सोरठे छाँटे हैं, जिनमें लौकिक ज्ञान निहित है। इनकी विदुषी सहधर्मिणी डॉ. किरण गुप्ता के शब्दों में ‘सांसारिक जीवन के विविध पक्षों पर विराम लगाते हुए, मात्र अपने कार्य पर ही केंद्रित रहना संभवतः इनके चुनौतीपूर्ण काम की अनिवार्यता है। सात्त्विक, सादा, कर्मठ एवं अनुशासित जीवन तथा रोगियों के प्रति निरंतर निष्काम सेवाभाव ने ही संभवतः इन्हें अध्यात्म के उच्चतम पथ पर अग्रसित किया है।’ डॉ. किरण ने डॉ. एस.के. गुप्ता द्वारा चयनित पाठ्य-सामग्री को तारतम्यता देकर इस संकलन को परिपूर्णता भी दी है।
डॉक्टर दंपती ने चाहा कि प्रकाशन पूर्व मुझे इसका संपादकीय दृष्टि से अवलोकन करना चाहिए। मैंने वही किया। कहना न होगा, मानस के इस संक्षिप्त संस्करण के पठन ने इसकी उपयोगिता तो स्वयंसिद्ध की ही, मैं इसके चयनकर्ता की सोच, पारखी नजर, गुणग्राह्यता और इनकी सहधर्मिणी की सार-संक्षिप्तता का प्रशंसक हुए बिना भी न रह सका।
—आमुख से…

Manasik Rog : Karan Aur Bachav by Vinod Viplava

SKU: 9789383110384

मानसिक रोग : कारण और बचाव
हमारे शरीर से कहीं अधिक जटिल हमारा मन है। शायद यही कारण है कि हम मन को समझने में अकसर भूल करते हैं। हम शरीर दर्द को तो आसानी से समझ लेते हैं और उसका त्वरित उपचार भी शुरू कर देते हैं, लेकिन मन के दर्द को नजरअंदाज करते हैं और जब तक मन की कराह को हम महसूस करते हैं तब तक काफी देर हो चुकी होती है। आज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में मन को समझने का समय भी हममें से अधिकांश के पास नहीं होता। आज की जबरदस्त प्रतिस्पर्धा और व्यस्त दिनचर्या में भावनाओं तथा संवेदनाओं को समझने एवं सम्मान देने की कौन सोचता है! मन की बीमारियों के बढ़ने का यह प्रमुख कारण है।
वर्तमान समय में समाज एवं परिवार के ताने-बाने में आए बदलावों के कारण व्यक्‍ति अनेक समस्याओं एवं संकटों का सामना करने के लिए अकेला पड़ गया है, क्योंकि सामूहिक एवं सामाजिक सहयोग की वह व्यवस्था आज जर्जर हो गई है, जो पहले कभी सबल थी। समस्याएँ पहले भी थीं, लेकिन उन समस्याओं का सामना करने में हर व्यक्‍ति को समाज से सहयोग मिलता था। ऐसे में आज तनाव, डिप्रेशन, एंग्जाइटी, स्किजोफ्रेनिया आदि मानसिक बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। इनसे निबटने के लिए मनोचिकित्सा की बेहतर एवं व्यापक सुविधाओं के साथ-साथ लोगों को जागरूक बनाने की भी जरूरत है।

Manavadhikar Ka Manveeya Chehara by Subhash Mishra

SKU: 9789383111831

मानवजाति के विकास का मूल अधिकार ही मानवाधिकार है। मानवाधिकारों के विश्वव्यापी घोषणा-पत्र में नागरिक, राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक अधिकारों पर 30 अनुच्छेद हैं। भारत के संविधान के अंतर्गत मानवीय मूल्यों का विकास और मानव के सम्मान की रक्षा हो सके, यह मानवाधिकार आयोग के कार्यक्षेत्र में है।
विश्व समुदाय में शांति, सद्भाव, भाईचारा बना रहे और वह अपनी निजता के साथ अपने नैसर्गिक अधिकारों का उपयोग कर सके, इस बात को ध्यान में रखकर संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 10 दिसंबर, 1948 को मानवाधिकारों के विश्वव्यापी घोषणा-पत्र को स्वीकार किया गया।
ऐसे सभी अधिकार, जो व्यक्ति के जीवन, स्वतंत्रता, समानता एवं प्रतिष्ठा से जुड़े हैं, भारतीय संविधान के भाग-3 में मूलभूत अधिकारों के रूप में वर्णित हैं। इसके अतिरिक्त ऐसे अधिकार, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा मान्यता प्राप्त है, मानवाधिकार कहा गया है। मानवाधिकारों का सही ढंग से संरक्षण हो और उसका उल्लंघन करनेवालों को दंडित किया जाए, इस उद्देश्य से मानवाधिकार आयोग का गठन किया गया है। आयोग को मुख्यत: मानवाधिकारों के संरक्षण, प्रशासन व्यवस्था में सुधार आदि की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पीड़ित व्यक्ति आयोग के माध्यम से अपने अधिकारों का संरक्षण कर सकता है।
मानवाधिकार आयोग समाज में मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता जाग्रत् करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रस्तुत पुस्तक आम जन को इस विषय में विस्तृत जानकारी देने का विनम्र प्रयास है।

Manchahe Lakshay Prapt Karne Ki Jadui Pustak by Jack Canfild, Ram Ganglani

SKU: 9789352664429

इन जादुई कथनों का उपयोग कर अपना जीवन बदलिए।
जिम्मेदारी लीजिए, बदलाव कीजिए। आप यह कर सकते हैं।
जैक कैनफील्ड एवं राम गंगलानी आपको यह बताते हैं कि किस तरह प्रेरित रहिए, अपना जीवन बदलिए और सफलता प्राप्त कीजिए।
सावधानीपूर्वक संकलित की गई इस पुस्तक का उपयोग करके अपने विकास की गति को बढ़ाइए और अपनी इच्छाओं को पूरा कीजिए।

Manchahi Safalta Kaise Payein by Napoleon Hill

SKU: 9789350485910

प्रस्तुत पुस्तक में पूँजीपतियों, उद्यमियों, बादशाहों और उद्योग जगत् के सिरमौर उद्योगपतियों की सफलताओं के बारे में बताया गया है।
एंड्रयू कारनेगी, एलेक्जेंडर ग्राहम बेल, हेनरी फोर्ड, पी.टी. बेरनम जैसे लोगों ने कैसे मनचाही सफलता पाई? ऊबड़-खाबड़ जमीन पर उन्होंने किस प्रकार सही रास्ता बनाया और विकास के लिए बुनियादी ढाँचे का निर्माण किया? इनमें से कई निर्धन परिस्थितियों में पैदा हुए थे। किस रासायनिक क्रिया के द्वारा वे शुद्ध सोने में परिवर्तित हुए? वह क्या चीज थी, जिसकी बदौलत वे विजेता बने?
सफल होने के व्यावहारिक मंत्र बताती उच्चकोटि की पुस्तक, जो सफलता और समृद्धि के द्वार खोलेगी।

Manifestation Secrets by Dr. Wayne W. Dyer

SKU: 9789352664412

यह पुस्तक आपकी समस्त इच्छाओं को परिपूर्ण करने की कला पर अधिकार प्राप्त करने का एक उपक्रम है। आपको कल्पनाशीलता के रूप में महानतम उपहार मिला है। हर वह चीज, जो यहाँ अस्तित्व में है, वह कभी-न-कभी सोची गई होती है। और आगे जो चीजें अस्तित्व में होंगी, वे भी अभी सोची जाएँगी।
‘Manifestation सीक्रेट्स’ को कुछ इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह आपको खोजी यात्रा पर ले जाएगी, जहाँ से आप अद्भुत अभिव्यक्ति से जुड़ी अपनी ताकत को उभार सकते हैं, जो आप में ही समाहित है और इससे आप अपनी कल्पनाओं को साकार कर सकते हैं।
आपकी समस्त इच्छाएँ जरूर पूरी हो सकती हैं। अपनी कल्पनाशीलता का प्रयोग करते हुए और इच्छाओं के पूरा होने पर जो भावनाएँ उभरती हैं, उनका अनुमान लगाते हुए इस कला का अभ्यास कर, तत्परता से बाहरी संसार की नकारात्मकता को दरकिनार कर आप अपनी खोज कर सकते हैं और अपनी आध्यात्मिक जागरूकता के बल पर ऐसे इनसान के रूप में विकसित हो सकते हैं, जो अपनी इच्छाएँ खुद पूरी कर सकता है।
इस पुस्तक से आपको यह देखने में मदद मिलेगी कि आप दैवी हैं और आपके अंदर पहले से अदृश्य उच्चतम भाव मौजूद होता है, जो आपको अभिव्यक्ति की कला पर पकड़ बनाने के लिए मार्गदर्शन दे सकता है।
किसी शुभकार्य की कल्पना कर उसे साकार करने की आत्मिक शक्ति जाग्रत् करनेवाली पठनीय प्रेरणाप्रद पुस्तक।

Manik Sarkar : Drishyam Aur Satyam by Dinesh Kanji

SKU: 9789352665341

वे कौन सी ताकतें हैं, जो चोरों, डकैतों और हत्यारों को बल देने वाले उनके 19 साल के अराजक शासन के बावजूद उन्हें ‘गरीबों का मसीहा’ साबित करने पर तुली हैं। यह बड़ी हैरानी भरी बात है कि पत्रकार बिरादरी में से भी कोई व्यक्ति राजनीतिक माफिया और भ्रष्ट नेताओं को बढ़ावा देनेवाले माणिक सरकार के खिलाफ लिखने की हिम्मत नहीं जुटा सका। गरीबों के पैसे के बल पर शानो-शौकत भरी जिंदगी जीने के आदी व्यक्ति को कैसे चरखे पर सूत कातने वाले महात्मा गांधी के जैसा माना सकता है। ऐसे कई सवालों ने मेरे मन में कोलाहल पैदा किया। इस पुस्तक का उद्देश्य इन्हीं सवालों के जवाबों को प्रमाणित करने का है।
वामपंथी दलों के वैचारिक पाखंड का खुलासा करना, वामपंथियों द्वारा की जा रही राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बेनकाब करना, माणिक सरकार की तथाकथित मिस्टर क्लीन वाली छवि पर से परद उठाना और पिछले दशकों में वामपंथियों ने त्रिपुरा और यहाँ के लोगों को जो नुकसान पहुँचाया, उसे राष्ट्रीय स्तर पर सबके सामने लाना इस पुस्तक का वास्तविक उद्देश्य है।