Swasthya Patrakarita by Roopchand Gautam
हिंदी में स्वास्थ्य पत्रकारिता की जितनी जरूरत है, वह उतनी ही उपेक्षित है। आवश्यक नहीं कि हर पत्रकार को डॉटर हो जाना चाहिए। लेकिन अखबारों और पत्रिकाओं में स्वास्थ्य को ठीक रखने की ठीक-ठीक एवं आधिकारिक जानकारियाँ छपनी चाहिए। पत्रकारिता का एक प्रमुख लक्ष्य यह भी है कि वह अपने पाठकों को शिक्षित करे, समय की चुनौतियों से दो-चार होने के लिए तैयार करे। इसलिए पाठकों को अपना स्वास्थ्य ठीक रखने तथा नई-पुरानी बीमारियों से निबटने की ताकत देने का काम पत्रकारिता को करना होगा।
यह सुखद संकेत है कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए डॉटर्स सरल-सुबोध हिंदी भाषा में लिखने लगे हैं। कुछ डॉटर हिंदी चैनलों पर नियमित चर्चाओं में भाग भी लेने लगे हैं। यह स्वास्थ्य पत्रकारिता के विकास-पथ को प्रशस्त करने का प्रशंसनीय कदम है।
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Hindi |
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