Bhagwan Atalani Ki Lokpriya Kahaniyan by Bhagwan Atalani

भगवान अटलानी की कृतियों को सन् 1988 से पढ़ता रहा हूँ। उनमें नए युग के विषयों को पकड़ने और कथा के रूप में पिरोने की चामत्कारिक क्षमता है। भाषा में विस्तार के साथ प्रवाह है। कथानक प्रस्तुत करने की उनकी अलहदी व अंदर उतर जानेवाली अनूठी शैली है। जिन चरित्रों की अटलानी सृष्टि करते हैं, जिन कथ्यों को वे कहानियों में बिंबित करते हैं, वे सब वायव्य, मायावी व काल्पनिक न होकर सीधा जीवन से जुड़ते हैं।
भगवान अटलानी की कहानियों को पढ़ना एक नए अनुभव-संसार से गुजरना है। नए-नए पात्रों, नई-नई घटनाओं और नई-नई संवेदनाओं का जगत् एक के बाद एक सम्मोहित करते हुए पाठक को अपने भीतर समेटता चलता है। सारी मानवीय त्रासदी के बीच मनुष्य के अप्रतिहत अस्तित्व के प्रति आस्था का अमंद आलोक नई राहों का, सकारात्मकता व समाधान का दिग्दर्शन कराता है। भगवान अटलानी की साहित्य साधना मानवीय संघर्ष की अपराजित कथा है। सार्वभौम और सार्वकालिक मानव-मन की प्रतिश्रुति से उनकी कहानियाँ चिरकाल तक आनंद निःसृत करती हैं।
—डॉ. तारा प्रकाश जोशी
प्रख्यात कवि, लेखक व
पूर्व आइ.ए.एस. अधिकारी

Language

Hindi

Kindly Register and Login to Lucknow Digital Library. Only Registered Users can Access the Content of Lucknow Digital Library.

SKU: 9789352664849 Categories: , Tag: