Atmavishvas (Self Confidence) by P.K. Arya

अगर आप आत्मविश्‍वास से भरपूर हैं और फौलादी इरादोंवाले हैं, फिर किसी की जुर्रत नहीं जो आपके मार्ग की बाधा बने। आत्मविश्‍वास वह सुरक्षा कवच है, जो हर तरह की बाधाओं के विरुद्ध आपकी रक्षा करता है, और सदैव आपको सफलता के मार्ग की ओर अग्रसर करता है।
प्रश्‍न उठता है कि आत्मविश्‍वास पैदा कैसे हो? उत्तर है—इसके लिए हमारे इरादे मजबूत होंने चाहिए। मजबूत इरादे ही आत्मविश्‍वास पैदा करते हैं। इरादों का लचीलापन, सोच की कमजोरी, असमंजसता आदि वे अवगुण हैं, जो हमारे आत्मविश्‍वास को दरकाते हैं, अस्थिरता लाते हैं और हमें अवनति की ओर धकेलते हैं। इसलिए हमें पूरे आत्मविश्‍वास के साथ समर्पित भाव से अपने कर्म करने चाहिए, फिर निश्‍च‌ित ही परिणाम सकारात्मक होंगे।
जो लोग यह कहते हैं कि मैं अमुक काम नहीं कर सकता, उनका आत्मविश्‍वास निश्‍च‌ित ही डिगा हुआ है। वे लोग जीवन में सफलता से कोसों दूर हैं। जिनके पास आत्मविश्‍वास रूपी किला होता है, वह कभी भी स्वयं को असुरक्षित महसूस नहीं करता।
आत्मविश्‍वास विकसित करने की प्रेरणा देने वाली पठनीय पुस्तक ।

Language

Hindi

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