Raja Soloman by Sushma Gupta
लोककथाएँ किसी भी समाज की संस्कृति का एक अटूट हिस्सा होती हैं। ये संसार को उस समाज के बारे में बताती हैं, जिसकी वे लोककथाएँ हैं। आज से करीब 100 साल पहले, ये लोककथाएँ केवल जबानी ही कही जाती थीं और कह-सुनकर ही एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में प्राप्त होती थीं। इसलिए किसी भी लोककथा का मूल रूप क्या रहा होगा, यह कहना मुश्किल है।
ये लोककथाएँ पाठकों का मनोरंजन तो करेंगी ही, साथ में दूसरे देशों की संस्कृति के बारे में भी जानकारी देंगी। विभिन्न देशों के लोक जीवन, लोक संस्कार, लोक संस्कृति और लोकमानस को जानने के लिए एक आवश्यक पुस्तक।
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Hindi |
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